Falit Jyotish

भारतीय ज्योतिषशास्त्र के अनेक अंगों में गणित और फलित ज्योतिष का अपना अलग स्थान है | फलित ज्योतिष द्वारा मानव जीवन पर पड़ने वाले विभिन्न ग्रहों के शुभ अशुभ प्रभावों का अध्ययन किया जाता है |

प्राचीनकाल में हमारे ऋषियों ने ऊर्जा चक्रों की रचना नक्षत्रों, ग्रहों, राशियों के द्वारा करके उनके प्रभाव को मानव जीवन से जोड़कर प्रमाणित किया और कई ग्रंथों की रचना की | उन ग्रंथों में से कई ग्रन्थ आज भी मौजूद हैं पर कई विदेशी आक्रमणों, सदियों की गुलामी और उपेक्षा के कारण वे नस्त हो है | कितने ही ग्रन्थ तो ढूढ़ ढूढ़ कर जला दिए गए और इस विज्ञान की काफी हानि हुई | पर समय के साथ हुए शोधो और कुछ बचे हुए ग्रंथो के माध्यम से ये विज्ञान काफी प्रगति कर चूका है और दिन प्रतिदिन नये आयाम लिखे जा रहें हैं |
फलित ज्योतिष द्वारा मानव जीवन पर पड़ने वाले ग्रहों के अशुभ प्रभावों को जानकर उसके प्रभाव को कम किया जा सकता है | जीवन में घटित हुई घटनाओं से उत्त्पन्न कठिनाइयों से लेकर भविष्य में उत्त्पन्न हो सकने वाली समस्याओं तक का निदान संभव है | मनुष्य का जन्म समय उसके संपूर्ण जीवन पर प्रभाव डालता है उस समय में बनने वाला ऊर्जा चक्र मनुष्य के पूर्व जन्म का आइना होती है और जैसा की हम जानते हैं कि हमारे वर्तमान जीवन में मिलने वाले सुख और दुःख का कारण पूर्व जन्म के कर्म ही हैं अतः ऊर्जा चक्र को समझकर कुछ निदानों द्वारा जीवन में कई सुयोगों को ला सकतें हैं कुयोगों को कम अथवा निरस्त कर सकतें हैं | एक सफल जीवन जीने के लिए फलित ज्योतिष स्वीकृत मार्गदर्शन दे सकता है |