Shree Kalyan Mitra Paawan Maharaj Ji

युवा मनीषी श्रद्धेय श्री कल्याण मित्र पावन महाराज जी परिष्कृत एवं दिव्य आध्यात्मिक अंतर्दृष्टि से सम्पन्न आध्यात्मिक गुरु हैं जिन्होंने जन्मजन्मांतर की गहन एवं कठोर साधनाओं के द्वारा ब्रह्मांडीय चेतना से संबद्ध अपने आत्मिक अनुभवों को पुष्ट किया है। समस्त वसुधा के कल्याण तत्वों एवं चेतना के विभिन्न आयामों के गहन अध्ययन एवं सूक्ष्म विश्लेषण के फलस्वरूप उनका आत्मिक अनुभव अनंत गहराई को धारण किये हुए है। जीवंत अंतर्दृष्टि एवं उत्कृष्ट चेतना से युक्त उनका विराट व्यक्तित्व अभ्युदय और निःश्रेयस के संतुलन का संदेश देते हुए जीवन के वास्तविक लक्ष्यों तथा सत्य एवं उसके अति सूक्ष्म एवं महाविराट आयामों का अन्वेषण करने वाले साधकों का निरंतर मार्गदर्शन करता रहता हैं। कल्याण मित्र पावन निरंतर सर्वकल्याण की भावना से सनातन जीवन के सिद्धांतों और सूत्रों को अति सरल भाव में रूपांतरित करते हुए साधकों में आत्मगौरव, शौर्य, सामर्थ्य, शक्ति, समाधान और कल्याण की भावना को पुष्ट करने का प्रयास करते रहते हैं। जिज्ञासु साधकों की जिज्ञासाओं का समाधान उनकी जीवनचर्या है।

सामाजिक कुरीतियों, अंधविश्वासों एवं धार्मिक अनुष्ठानों के नाम पर किए जाने वाले व्यर्थ के आडंबरों और अनैतिक आग्रहों से भिन्न श्री कल्याण मित्र पावन आत्मसाक्षात्कार और आत्मपरिष्कार से संबंधित यौगिक साधनाओं की अत्यंत सरल एवं वैज्ञानिक पद्धतियों को जनसाधारण में प्रसारित कर रहे हैं। कल्याण मित्र अपनी समृद्ध, सूक्ष्म एवं रोचक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक अवधारणाओं को विभिन्न साहित्यिक एवं काव्यात्मक रचनाओं के माध्यम से भी जनमानस में निरंतर संप्रेषित करते रहते हैं। अपनी यात्राओं के क्रम में वे विभिन्न स्थानों पर आयोजित गोष्ठीयों एवं चर्चाओं के माध्यम से समाज में व्याप्त रूढ़ियों को निर्मूल करने के साथ साथ समृद्ध सनातन परम्पराओं के प्रति जन साधारण की चेतना को जागृति के शिखर पर स्थापित करने का निरंतर प्रयास कर रहे हैं। एक योगी के रूप में उन्होने अपनी अंतर्दृष्टि से शून्य, अनंत, ज्ञात, अज्ञात एवं अज्ञेय के गूढ़तम रहस्यों को सरलता से परिभाषित किया है। वे अपने सान्निध्य में आने वाले प्रत्येक साधक में सत्य और सत्य के अनुपम आयामों के दर्शन का सामर्थ्य विकसित कर रहे हैं।